Draupadi Murmu Biography in hindi

Draupadi Murmu का जीवन परिचय – Draupadi Murmu biography in Hindi

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Draupadi Murmu हाल ही में भारत गणराज्य की 15 वी और वर्तमान राष्ट्रपति है। Draupadi Murmu भारतीय जनता पार्टी की सदस्य भी है। Draupadi Murmu भारत की जनजातिय समुदाय से सम्बन्ध रखने वाली देश की पहली महिला राष्ट्रपति है। आपको ये भी बता दें की Draupadi Murmu देश की पहली सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति है और भारत की आजादी के बाद जन्मी पहली राष्ट्रपति है। इस पोस्ट में हम आपको द्रौपदी मुर्मू के सम्पूर्ण जीवन (Daupadi Murmu Biography in Hindi) का परिचय आपको करवाने वाले है। उम्मीद है आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आयेगा।

द्रौपदी मुर्मू का जीवन परिचय – Draupadi Murmu Biography in Hindi

पूरा नाम द्रौपदी मुर्मू
जन्म 20 जून, 1958
जन्म भूमि मयूरभंज, ओडिशा
अभिभावक पिता- बिरांची नारायण टुडू
पति/पत्नी श्याम चरण मुर्मू (स्वार्गवासी)
नागरिकता भारतीय
प्रसिद्धि राजनीतिज्ञ
पार्टी भारतीय जनता पार्टी
पद राष्ट्रपति भारत – 25 जुलाई, 2022 से पदस्थ
राज्यपाल, झारखंड– 18 मई, 2015 से 12 जुलाई, 2021 तक
राज्यमंत्री, ओडिशा– 6 अगस्त, 2002 से 16 मई, 2004 तक
विधानसभा सदस्य, ओडिशा– 5 मार्च, 2000 से 21 मई, 2009 तक
जाति अनुसूचित जनजाति
बेटी:    इतिश्री मुर्मू
शिक्षा स्नातक
विद्यालय रामादेवी महिला महाविद्यालय, भुवनेश्वर

द्रौपदी मुर्मू का शुरूआती जीवन – Early life of Draupadi Murmu

झारखण्ड राज्य की गवर्नर (साल 2015 से 2021 तक) रह चुकी Draupadi Murmu का जन्म उड़ीसा के मयूरभंज में 20 जून 1958 को हुआ था। उन्होंने अपनी पढाई रमादेवी वुमेंस कॉलेज से पूरी की थी। आदिवासी जातीय समूह संथाल से संबंध रखने वाली Draupadi Murmu के पति का नाम श्‍याम चरण मुर्मू है जो अब इस दुनिया में नहीं है। अपनी पढाई पूरी करने के बाद कुछ समय तक शिक्षक के तौर पर भी कार्य किया था।

Draupadi Murmu की शुरूआती पढाई अपने नजदीकी स्कूल में ही पूरी हुए थी और इनको आगे की पढाई पूरी करने के लिए भुवनेशवर के रामा देवी वुमंस कॉलेज में दाखिला लेना पड़ा। आपको बता दें की Draupadi Murmu अपने गांव की पहली महिला थी जो कॉलेज गई थी। इससे पहले कभी भी कोई महिला इनके गांव से कॉलेज नहीं गई थी।

Draupadi Murmu ने स्नातक की पढाई की है। पढाई के दौरान ही इनकी मुलाकात श्‍याम चरण मुर्मू (Shyam Charan Murmu) से हुई थी। धीरे धीरे दोनों की मुलाकात प्यार में बदल गई और फिर दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। Draupadi Murmu के पिता बिरांची नारायण टुडू (Biranchi Narayan Tudu) किसान थे। Draupadi Murmu के दो बेटे और दो बेटी हुई थी जिनमे से एक बेटी की मौत हो गई थी। Draupadi Murmu का जीवन बेहद गरीबी और तंगहाली में बिता था। लेकिन Draupadi Murmu ने अपनी गरीबी को कभी भी अपने रास्ते का रोड़ा नहीं बनने दिया। उन्होंने स्नातक की पढाई पूरी करने के बाद शिक्षक की नौकरी करना शुरू कर दिया था।

द्रौपदी मुर्मू का वैवाहिक जीवन – Draupadi Murmu’s married life

जैसा की हमने आपको ऊपर बताया की Draupadi Murmu के पति का नाम श्याम चरण मुर्मू था। कॉलेज के दिंनो में ही दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे थे। हालाँकि इनके विवाह की बात जब आगे बढ़ने लगी तो द्रौपदी मुर्मू के पिता की तरफ से साफ इंकार कर दिया गया था। काफी मुश्किलों का सामना हुआ और फिर आखिर जब Draupadi Murmu ने कहा की वो शादी करेगी तो सिर्फ श्याम चरण से ही करेगी तो तब जाकर इनके पिता ने सहमति दी और फिर दोनों का विवाह सम्पन हुआ।

आपको जानकर हैरानी होगी की Draupadi Murmu की शादी में दहेज के रूप में एक गाय, एक बैल और 16 जोड़ी कपड़े दिए गये थे। आपको बता दें की जिस संथाल समुदाय से Draupadi Murmu आती है उनमे अपनी लड़की के विवाह के समय दहेज़ देने की पर्था होती थी। आखिर सबकुछ परिवार वालो के बीच में तय हो गया और फिर दोनों की शादी कर दी गई।

द्रौपदी मुर्मू का राजनीतिक जीवन – Draupadi Murmu’s political life

ये तो हम आपको बता ही चुके है की द्रौपदी मुर्मू ने अपने कैरियर शुरुआत बतौर टीचर की थी। लेकिन इसके अलावा उन्होंने बिजली विभाग में जूनियर असिस्टेंट के रूम में भी कार्य किया था। इसके अलावा साल 1994 से लेकर साल 1997 तक ऑनरेरी असिस्टेंट टीचर का कार्य भी किया था। Draupadi Murmu ने अपने जीवन का पहला चुनाव पार्षद के रूप में साल 1997 में राइरांगपुर से लड़ा था। जिसमे वो चुनाव जीत गई थी। इसके बाद उड़ीसा में जिला परिसद की अध्यक्ष भी रही।

आईये एक नजर डालते है उनके रानैतिक कैरियर पर : –

  • साल 2000 – पहला विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्हें तत्कालीन सरकार में सरकार में स्वतंत्र प्रभार का राज्यमंत्री बनाया गया था।
  • साल 2002 – द्रौपदी मुर्मू को मत्स्य एवं पशुपालन विभाग का राज्यमंत्री बनाया गया था।
  • साल 2006 – भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।
  • साल 2009 – द्रौपदी मुर्मू को झारखंड का राज्यपाल बनाया गया और साल 2021 तक द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड के राज्यपाल के तौर पर अपनी सेवाएं दी।
  • साल 2022 – द्रौपदी मुर्मू भारत की राष्ट्रपति नियुक्त की गयी।

द्रौपदी मुर्मू के जीवन का कठीन दौर – Draupadi Murmu’s tough phase in life

Draupadi Murmu के जीवन का सबसे कठिन दौर रहा साल 2009 से साल 2014 का। इस दौरान उन्होंने अपने दोनों बेटों और अपने पति के जीवन से हाथ धोना पड़ा था। Draupadi Murmu के बड़े बेटे की मौत साल 2009 में एक सड़क दुर्घटना में हो गई थी। उसके बाद साल 2013 में उनके छोटे बेटे का भी स्वर्गवास हो गया। अभी Draupadi Murmu अपने आप को ठीक से संभाल भी नहीं पायी थी की साल 2014 में उनके पति का भी देहांत हो गया। Draupadi Murmu को नजदीक से जानने वाले बताते है की उन्होंने अपने आपको काफी हद तक संभाले रखा था। इस दौरान उन्होंने मैडिटेशन का सहारा भी लिया था। मैडिटेशन के लिए वे माउंट आबू में ब्रह्मकुमारी संस्थान में भी जाया करती थी।

तो दोस्तों ये था भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी का जीवन परिचय। उम्मीद है आपको द्रौपदी मुर्मू के जीवन परिचय पर लिखा ये आर्टिकल पसंद आया होगा। इस आर्टिकल को शेयर जरूर करें। साथ में अगर आप चाहते है की हमारे लिए गेस्ट पोस्ट लिखें और full2find का हिस्सा बने तो आप हमें यहाँ निचे कमेंट के माध्यम से बता सकते है। आर्टिकल को पूरा पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। यहाँ इस वेबसाइट के माध्यम से हम आगे भी आपको ऐसी ही रोचक जानकारियां देते रहेंगे।

लेखक के बारे में – About the Author

मेरा नाम विनोद कुमार है और मैं दिल्ली एनसीआर के एक छोटे गांव से ताल्लुक रखता हूँ। मेरी हमेशा कोशिश रहती है की दुनिया में लोगों के पास जानकारियां भेजीजन्म दिया है इस वेबसाइट full2find को। उम्मीद है आपका भरपूर साथ मिलेगा और मैं आपको ऐसी ही जानकारियां उपलब्ध करवाता रहूँगा।

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